गोत्र
वंश की पहचान — आसान तरीके
गोत्र एक ऋषि-वंश की पहचान है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी पिता से संतान तक चलती है।
दादा-दादी या परिवार के सबसे बड़े सदस्य अक्सर गोत्र जानते हैं।
जो पंडित आपके परिवार के विवाह और श्राद्ध कराते हैं, वे गोत्र-प्रवर दोनों जानते हैं।
हरिद्वार, गया और नासिक के तीर्थ पुरोहितों की बही में गोत्र दर्ज होता है।
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